पितृसत्ता क्या है ? पितृसत्ता के जन्म का इतिहास एवं इसको सामाजिक अभव्यक्ति का संक्षेप में वर्णन करें. Gender Notes

पितृसत्ता क्या है पितृसत्ता के जन्म का इतिहास एवं इसको सामाजिक अभव्यक्ति का संक्षेप में वर्णन करें

What is patriarchy? Briefly describe the history of patriarchy's origins and its social manifestations.

पितृसत्ता को पिता के शासन के रूप में परिभाषित किया जाता है। पितृसत्तात्मक संस्थाएँ पुरुष के प्रभुत्व को मजबूत बनाती हैं और महिला को अधीन स्थिति में रखती हैं। प्रभावी शक्ति सम्बन्ध समाज में विभिन्न स्तरों पर संचालित होते हैं और सभी स्तरों पर महिलाओं/बालिकाओं के प्रति भेदभाव करते हैं। यह भेदभाव महिलाओं के लिए न सिर्फ अवसरों को कम करता है और महिलाओं के भूमिकाओं को कमजोर करता है, बल्कि यह महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को भी जन्म देता है। इसके अतिरिक्त पितृसत्ता निजी क्षेत्र की सीमा निर्धारित करती है और इस बात पर जोर देती है कि निजी क्षेत्र महिलाओं के लिए तथा सार्वजनिक क्षेत्र पुरुषों के लिए होता है। पितृसत्तात्मक मानक परिवार, समाज, राजनीति, सरकार, मीडिया और धर्म जैसी सामाजिक संरचनाओं में प्रभावी रहते हैं। पितृसत्तात्मक समाज में सम्पत्ति का उत्तराधिकार पुत्र को मिलता है और इसे पितृवंशीय उत्तराधिकार कहा जाता है। पितृसत्तात्मक परम्परा और पितृकेन्द्रित व्यवस्था में विवाह के बाद महिलाओं से अपने पति के घर आने और वहीं बस जाने की उम्मीद की जाती है।
Notes by- Varsha Ma'am 
 

 

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